आंतरिक बल -602

 

-बिंदू रूप  का अभ्यास -45- संगीत 


-संगीत की भाषा संसार का प्रत्येक प्राणी  समझता हैँ । 


 - संगीत प्राकृति  की भाषा से मेल खाता  हैं । 


-संगीत मनुष्य को हर पल प्रभावित करता हैँ । 


-संगीत कानो के द्वारा शरीर में घुस जाता हैँ और शरीर के सभी रोगो को ठीक करने में लग जाता हैँ । 


-संगीत से उत्पन्ऩ तरंगे  शरीर की प्रत्येक कोशिका को प्रभावित करती  हैँ । 


-अगर हम भागवान के बिंदू  रूप को संगीत सुनते हुए याद करते हैँ तो  रोगो को ठीक करने में संगीत की शक्ति बढ़ जाती हैँ । 


-भागवान की याद का बल सूक्ष्म होता हैँ ।  जब भागवान को संगीत सुनते हुए याद करते हैँ तो भागवान की शक्ति संगीत में प्रवेश कर जाती हैँ और  ध्वनि का रूप धारण   लेती हैँ । 


-भगवान की   याद मेंं सुने गये संगीत से ऐसे हार्मोन बनने लगते हैं जिन से सभी रोग ठीक होते जाते हैं । 


-घर के कामकाज करते,  भोजन बनाते  समय अगर संगीत सुनते रहें तो संगीत का प्रभाव भोजन पर  भी होगा  और ऐसा भोजन हमें तंदरुस्त बनाएगा । 


-जरा  भी तनाव हो जाए,  टकराव हो जाए,  निराशा  आ जाए, उत्साह में कमी आ जाए,  तुरंत अच्छे अच्छे गीत सुना करो ।  आप में खुशी आ जायेगी और खुशी सब रोगो और बिगड़े संबंधो का  इलाज करती है ।  


-प्रतिदिन अगर 20 मिनिट  हम संगीत सुनते हैं तो रोजमर्रा की होने वाली बीमारियो से हम बचाव कर सकते हैं । 


-कोमा में पड़ा एक बच्चा मां  की लोरी सुन कर होश में आ गया । 


-योग से भरपूर संगीत ऐसी परिस्थिति में भी सार्थक सिद्व होता है । 


-कई  लोग रोगो का कारण ग्रहो को मानते हैं । 


- प्रत्येक संगीत का सबंध किसी ना किसी ग्रह  से होता हैं । जिस ग्रह से संबंधित कोई रोग हो वही संगीत सुनने से रोग ठीक हो जाते हैं । 


-आयुर्वेद रोगो का कारण वात,  पित और कफ को  मानता हैं ।  


-संगीत वात, पित और कफ को संतुलित करता हैं । 


-एलोपेथी रोगो का कारण कीटाणु को समझता  हैं । 


-संगीत  बुरे कीटाणुओं को  नष्ट करता हैं । 


-जीवन को नई दिशा देने वाली  - आन्तरिक बल ( भाग -1 ) -  पुस्तक लेने  के लिए  संपर्क करें ! आप अपना नाम, पूरा पोस्टल पता , पिन नम्बर और फोन नम्बर मेरे  व्हाटसअप नम्बर 9896348516 पर लिख कर भेजें ! मैं आप को कोरियर से पुस्तक भेज दूंगा !


- यह पुस्तक आप को पसंद आएगी ! पसंद आने पर इस की लागत राशी भेज देना !    दूसरो के कल्याण हेतू  आप अपनी   मर्जी से अधिक आर्थिक सहयोग भी भेज सकते हैं !    अगर आप को आर्थिक चैलेंज है  तो मुझे सूचित करना मैं आप को गिफ्ट के रूप में भेज दूंगा   !  चाहे आप कितने भी व्यस्त हैं, विश्व का कल्याण कर रहे हैं या अंश मात्र भी तन,  मन, धन और संबंधों में अतृप्ति  है, कृपया  एक बार यह पुस्तक  जरूर पढ़ें !  आप के पढ़ने मात्र से,  आप को , आप के आस पास वालों को , आप के प्रिय लोगों और सारे विश्व को लाभ   मिलेगा !


B K  Milakh Raj  Sandha, Hisar, Haryana, 9896348516

    

Comments