-मानसिक शक्ति और शरीर
-मन और शरीर एक दूसरे से जुड़े हुए हैं ।
-दोनो एक दूसरे पर निर्भर हैं ।
-मन से भी शरीर ज्यादा महत्वपूर्ण हैं ।
-अगर शरीर न हो तो मन कुछ नहीं कर सकता ।
-अगर शरीर ठीक न हो तो मानसिक शक्ति इसे ठीक करने मेंं नष्ट होती रहती है़ ।
-इस लिये शरीर के रख रखाव का पूरा ध्यान रखना चाहिए ।
-हमारे शरीर को विभिन्न प्रकार के तत्वों जैसे क़ि मिनरल, खनिज तथा विटमिन की जरूरत होती है ।
-स्थूल रूप मेंं सभी आवश्यक चीजो को प्राप्त करना मुश्किल होता है परंतु मन के द्वारा सभी तत्व ले सकते हैं ।
-कभी जल, कभी पृथ्वी, कभी वायु, कभी .अग्नि या आकाश को मन मेंं देखे और बीच मेंं शिव बाबा या इष्ट को देखे और बाबा को कहें आप शांति के सागर हैं तो आप को उस तत्व से ऊर्जा मिलने लगेगी जिसे आप कल्पना मेंं देख रहें हैं ।
- स्थूल रूप मेंं दूध एक संपूर्ण भोजन हैं । दूध मेंं सभी विटामिन्स होते हैं ।
-आप अपनी सामर्थ्य अनुसार हर रोज दूध पीए ।
-आप कल्पना मेंं दूध पीये तब भी दूध का सूक्ष्म अंश मिलेगा
- वात, पित्त और कफ के असंतुलन के कारण हम बीमार होते हैं ।
-हरड़, आंवला और बहेड़ा जिसे त्रिफला कहते हैं, आप थोड़ा सा हर रोज लेते रहें तो सदा निरोगी रहेंगे ।
-अनाज से शरीर को शक्ति मिलती है़ । इस लिये जितने भी अनाज है़, आप महीने मेंं एक बार जरूर खाये ।
-सभी दालें भी महीने मेंं एक बार जरूर खाएं ।
-सभी फल महीने मेंं एक बार जरूर खाने चाहिए ।
-सभी सब्जियां महीने मेंं एक बार जरूर खाएं ।
-सभी पत्तेदार सब्जियां मास मेंं एक बार जरूर खाएं ।
-सभी तेल, सभी घी महीने मेंं एक बार जरूर लें ।
-बीमारी के कारण कुछ पदार्थो का परहेज रखना होता है़ । ऐसे पदार्थ भी हफ्ते या महीने मेंं एक बार जरूर खाएं । परंतु यह पदार्थ उतना ही खाना है़ जितना एक बार मुंह मेंं आ जाए । नहीं तो परहेज के कारण किसी एक तत्व की कमी हो जाती है़ और कुछ तत्व बहुत ज्यादा शरीर मेंं बढ जाते हैं । फिर कम तत्वों की पूर्ति के लिये दवाई खानी पड़ती है़ । जिस से खर्चे के इलावा दवाइयों का साइड एफेक्ट भी शरीर को नुकसान करता है़ ।
-प्रकृति की सभी चीजे कल्पना मेंं देखते रहें तो उन चीजो का सूक्ष्म अंश भी शरीर को मिल जाएगा ।
-ऐसा करते हुए शिव बाबा या इष्ट को भी कल्पना मेंं देखते रहें ।
-ऐसा करने से मन तत्वों से ऊर्जा लें लेगा ।
-विनाश मेंं महान योगी बिना कुछ खाए - पीये भी जिंदा रह सकेंगे क्योंकि वह सभी तत्वों व पदार्थो से सूक्ष्म ऊर्जा प्राप्त कर लेंगे ।
-जीवन को नई दिशा देने वाली - आन्तरिक बल ( भाग -1 ) - पुस्तक लेने के लिए संपर्क करें ! आप अपना नाम, पूरा पोस्टल पता , पिन नम्बर और फोन नम्बर मेरे व्हाटसअप नम्बर 9896348516 पर लिख कर भेजें ! मैं आप को कोरियर से पुस्तक भेज दूंगा !
- यह पुस्तक आप को पसंद आएगी ! पसंद आने पर इस की लागत राशी भेज देना ! दूसरो के कल्याण हेतू आप अपनी मर्जी से अधिक आर्थिक सहयोग भी भेज सकते हैं ! अगर आप को आर्थिक चैलेंज है तो मुझे सूचित करना मैं आप को गिफ्ट के रूप में भेज दूंगा ! चाहे आप कितने भी व्यस्त हैं, विश्व का कल्याण कर रहे हैं या अंश मात्र भी तन, मन, धन और संबंधों में अतृप्ति है, कृपया एक बार यह पुस्तक जरूर पढ़ें ! आप के पढ़ने मात्र से, आप को , आप के आस पास वालों को , आप के प्रिय लोगों और सारे विश्व को लाभ मिलेगा !
B K Milakh Raj Sandha, Hisar, Haryana, 9896348516
Comments
Post a Comment