-मनचाही प्राप्ति और कुदरती नियम -51
-बिंदू रूप का अभ्यास -40 - संगीत
-भारतीय संगीत आत्मा तक पहुंचता है । .
-किसी को पैरो की समस्या हो तो वह मूल आधार चक्र के अंतर्गत आता है ।
-आज संगीतकार ऐसा राग उठाते है जो मूल आधार और पैरो पर सीधा असर डालते हैं ।
- ऐसे ही अगर हम परमात्मा को बिंदू समझ कर मूल आधार पर तरंगे दें तो वही असर होगा जो संगीत का होता है ।
--आज लोग स्ट्रेस में हैं । उन्हे ऐसे संगीतकार या योगी चाहिए जो उन्हे स्ट्रेस मुक्त बना दे ।
-शरीर के जिस भाग में कमी है या कोई रोग है वही पर बिंदू को देखो और मन में संगीत की धुन बजने दो । वह व्यक्ति बहुत जल्दी ठीक हो जाएगा ।
-कई ऐसे गीत होते हैं जिन्हे सुनते ही हमारा मन भगवान की तरफ खिंचने लगता है । ऐसे गीतो की मन में गूंज सी उठती रहती है, वही गूंज मन में सुनते रहा करो ।
-योग और संगीत को जीवन में उतारा जाए तो हम जीवन में नई बुलंदियों छू सकते हैं ।
-संगीत साधना को इबादत के बराबर माना जाता है ।
-संगीत में सात शुध्द तथा पांच कोमल स्वर होते हैं ।
-ऐसे ही शरीर में सात चक्र और 5 सूक्ष्म शक्तियां, मन, बुद्वि, संस्कार, बोल और श्रवण होती हैँ ।
-ये चक्र/ शक्तियां संगीत के साथ जुड़े/ जुड़ी होती हैं ।
- इसलिए संगीत से जुड़े रहने से गुन गुनाते रहने से सेहत ठीक रहती हैं । क्योकि चाहे कोई भी गीत हो वह आप के किसी ना किसी केंद्र को प्रभावित कर रहा होता है । इसलिए उदासी वाले गीत नहीं सुनने चाहिये ।
-हमारे प्रत्येक संकल्प से हर बोल से संगीत बनता है ।
-इसलिए नकारात्मक संकल्प व बोल व मेसेज व्हाट्स अप आदि पर नहीं भेजा करो । दिल टूटने की बातें नहीं करो ।
- संगीत के प्रभाव से दिल से संबंधित रोग ठीक हो जाते हैं । जो गीत दिल को भा जाते हैं उन्हे मन में गुनगुनाते रहने से ऐसा कम्पन बनता है जो दिल को मजबूत बनाता है ।
-गाने से गले की बीमारियां बहुत कम होती हैं, फेफड़े मजबूत होते हैँ ।
-थायराइड वाले मन में बाबा के गीत गुनगुनाते रहे और कंठ पर तरंगे देते रहे तो यह रोग ठीक हो जाएगा ।
-गीत गुनगुनाते समय गले के तंतुओं में कम्पन होता है जिस से गले के रोग ठीक हो जाते है ।
-जिन लोगो को गले का यां मुंह का कैंसर है वह लोग अच्छे अच्छे गीत मन में गाते रहें बस मन में लय सी उठती रहे तो इस से ये रोग जल्दी ठीक होते हैं ।
-बाथ रूम सिंगर बन के भी स्वास्थ्य पा सकते हैं ।
-हो सकता है आप की आवाज अच्छी ना हो परंतु मन की आवाज से हम सभी गा सकते हैं । मन से बहुत अच्छी धुन निकलती हैं । बस गुन गुनाया करो ।
-दवाई जरूर लेते रहना हैं । संगीत से हीलिंग जल्दी होगी ।
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