आंतरिक बल 1014

 


-अन्न महा औषधि है  । 


-इस लिये अन्न  सभी प्राणी मात्र के लिये जरूरी है़ । 


-हम जो कुछ खाते है़ उसका एक तिहाई हमें पालता  है़  और दो  तिहाई भाग  डॉक्टर्स  को पालता  है़ । 


-अगर जीवन भर जवान रहना चाहते है़ तो मुख्य भोजन सब्जियां,  सलाद और फल ही होना चाहिए । 


-अनाज से बनीं वस्तुए सप्ताह मेंं चार पांच बार से  अधिक नहीं होनी  चाहिए । 


-उठते ही कुछ भी नहीं खाना चाहिए । पहले मेहनत करो ।  पढ़ाई करो । योग  लगाओ या व्यायाम  करो फिर नाश्ता करना चाहिए । 


-रात्रि नींद के बाद जो शक्ति निर्मित होती है़,  पहले उसे  खर्च करें । 


-जो विद्यार्थी सुबह बिना कुछ खाएं पढ़ते है़ उन की  बहुत  अच्छी एकाग्रता बनती है़ और उत्तम मानसिक विकास होता है़ । 


-इसलिए  सुबह  हल्के फुल्के या  तरल  नाश्ते से काम चलाना चाहिए । 


-भारी नाश्ता करने से मस्तिष्क शिथिल  तथा मंद पड़ जाता है़ । क्योंकि मानसिक  शक्ति खाए हुए भोजन  को पचाने मेंं खर्च  हो जाती है़ । 


-भोजन खाने से पेट तो भर जाता है़,  यह तो संतुष्टि मिलती है़,  परंतु शक्ति काफी घंटो बाद बनती है़ । 


- भोजन पेट मेंं पहुंचते ही शक्ति देता है़,  यह भ्रम  है़ । 


-मानसिक शक्ति भोजन से नहीं वास्तव मेंं नींद या ध्यान से प्राप्त होती है़ । 


-रात को भोजन कर के तत्काल सो जाने पर बहुत अच्छी नींद आएगी और  सुबह  शक्ति संपन्न होंगे । 


-कहते है़ किसी को बुद्विहीन करना हो तो उसे अधिक से अधिक भोजन  खिलाओ । उसकी कुशाग्रता   खत्म हो जाएगी । 


-ज्यादा भोजन खाने से आमाशय,  लीवर,  हृदय,  पित्ताशय और किडनी पर  अतिरिक्त बोझ बढ जाता है़,  जिस  के कारण इन मेंं से कोई न कोई अंग या सभी मेंं कोई न  कोई रोग लग जाता है़ ।  इन के इलाज पर धन और समय की बरबादी होती है़ और मनचाहे   कार्य भी अधूरे रह  जाते हैंं  । 


-ज़्यादा भोजन करने से एसिडिटी,  खट्टे डकार और गैस बनती है़,  जिस के कारण  एकाग्रता  से कार्य नहीं कर पाते । 


-युवा अवस्था को सदा बनाए रखा जा सकता है़ अगर आप शाकाहारी बन जाएं । 


- सदा कच्चे फल,  सलाद,  शहद और    रसो का सेवन करें । पूरी नींद करें और हर रोज राजयोग का अभ्यास करें । 


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B K  Milakh Raj  Sandha, Hisar, Haryana, 9896348516

    

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