-अन्न महा औषधि है ।
-इस लिये अन्न सभी प्राणी मात्र के लिये जरूरी है़ ।
-हम जो कुछ खाते है़ उसका एक तिहाई हमें पालता है़ और दो तिहाई भाग डॉक्टर्स को पालता है़ ।
-अगर जीवन भर जवान रहना चाहते है़ तो मुख्य भोजन सब्जियां, सलाद और फल ही होना चाहिए ।
-अनाज से बनीं वस्तुए सप्ताह मेंं चार पांच बार से अधिक नहीं होनी चाहिए ।
-उठते ही कुछ भी नहीं खाना चाहिए । पहले मेहनत करो । पढ़ाई करो । योग लगाओ या व्यायाम करो फिर नाश्ता करना चाहिए ।
-रात्रि नींद के बाद जो शक्ति निर्मित होती है़, पहले उसे खर्च करें ।
-जो विद्यार्थी सुबह बिना कुछ खाएं पढ़ते है़ उन की बहुत अच्छी एकाग्रता बनती है़ और उत्तम मानसिक विकास होता है़ ।
-इसलिए सुबह हल्के फुल्के या तरल नाश्ते से काम चलाना चाहिए ।
-भारी नाश्ता करने से मस्तिष्क शिथिल तथा मंद पड़ जाता है़ । क्योंकि मानसिक शक्ति खाए हुए भोजन को पचाने मेंं खर्च हो जाती है़ ।
-भोजन खाने से पेट तो भर जाता है़, यह तो संतुष्टि मिलती है़, परंतु शक्ति काफी घंटो बाद बनती है़ ।
- भोजन पेट मेंं पहुंचते ही शक्ति देता है़, यह भ्रम है़ ।
-मानसिक शक्ति भोजन से नहीं वास्तव मेंं नींद या ध्यान से प्राप्त होती है़ ।
-रात को भोजन कर के तत्काल सो जाने पर बहुत अच्छी नींद आएगी और सुबह शक्ति संपन्न होंगे ।
-कहते है़ किसी को बुद्विहीन करना हो तो उसे अधिक से अधिक भोजन खिलाओ । उसकी कुशाग्रता खत्म हो जाएगी ।
-ज्यादा भोजन खाने से आमाशय, लीवर, हृदय, पित्ताशय और किडनी पर अतिरिक्त बोझ बढ जाता है़, जिस के कारण इन मेंं से कोई न कोई अंग या सभी मेंं कोई न कोई रोग लग जाता है़ । इन के इलाज पर धन और समय की बरबादी होती है़ और मनचाहे कार्य भी अधूरे रह जाते हैंं ।
-ज़्यादा भोजन करने से एसिडिटी, खट्टे डकार और गैस बनती है़, जिस के कारण एकाग्रता से कार्य नहीं कर पाते ।
-युवा अवस्था को सदा बनाए रखा जा सकता है़ अगर आप शाकाहारी बन जाएं ।
- सदा कच्चे फल, सलाद, शहद और रसो का सेवन करें । पूरी नींद करें और हर रोज राजयोग का अभ्यास करें ।
-जीवन को नई दिशा देने वाली - आन्तरिक बल ( भाग -1 ) - पुस्तक लेने के लिए संपर्क करें ! आप अपना नाम, पूरा पोस्टल पता , पिन नम्बर और फोन नम्बर मेरे व्हाटसअप नम्बर 9896348516 पर लिख कर भेजें ! मैं आप को कोरियर से पुस्तक भेज दूंगा !
- यह पुस्तक आप को पसंद आएगी ! पसंद आने पर इस की लागत राशी भेज देना ! दूसरो के कल्याण हेतू आप अपनी मर्जी से अधिक आर्थिक सहयोग भी भेज सकते हैं ! अगर आप को आर्थिक चैलेंज है तो मुझे सूचित करना मैं आप को गिफ्ट के रूप में भेज दूंगा ! चाहे आप कितने भी व्यस्त हैं, विश्व का कल्याण कर रहे हैं या अंश मात्र भी तन, मन, धन और संबंधों में अतृप्ति है, कृपया एक बार यह पुस्तक जरूर पढ़ें ! आप के पढ़ने मात्र से, आप को , आप के आस पास वालों को , आप के प्रिय लोगों और सारे विश्व को लाभ मिलेगा !
B K Milakh Raj Sandha, Hisar, Haryana, 9896348516
Comments
Post a Comment