आंतरिक बल 1010

 


-दिमाग और दूसरों का प्रभाव 


-दूसरे आप के साथ जैसा व्यवहार करते हैंं,  वह आप के अंदर चल रहें विचारों का  प्रतिबिम्ब है़  । 


-दूसरे के विचारों का असर हमारे  पर तब तक नहीं होता जब तक हम होने नहीं देते । 


-जैसे ही कोई बुरा व्यवहार करें या तुम्हे उस के बारे विचार आए,  तुरंत अपने मन को किसी और व्यक्ति में लगाए  या भगवान में लगाए  या कुछ  अच्छा सोचने लग जाएं,  तब  उस का प्रभाव हट जाएगा । 


- बच्चों पर मां  का सब से ज्यादा असर होता है़,  क्योंकि बच्चा मां पर निर्भर होता है़ । 


-बड़ों  का  छोटे व साथ काम करने  वालो पर बहुत  प्रभाव होता है़ । 


-इस लिये अपने विचार बदलते रहें । 


-किसी के विचारों का असर आप पर तब तक नहीं होता,  जब तक आप भी सामने वाले से  प्रभावित हो कर अपने लिये विचार करने लगते है़ । 


-जब आप  एक्सीडेंट  के बारे सोचते है़ तब एक्सीडेंट होता है़ । 


- ड्राइवर के विचार अच्छे है़ तो गाड़ी सुरक्षित चलेगी चाहे गाड़ी में बैठें लोग  नकारात्मक बिचारो के ही हो  । 


- आप के साथ घर में,  दुकान मेंं,  नौकरी मेंं,  आश्रम मेंं,  बस मेंं,  चाहे कोई कितने  ही नकारात्मक लोग  बैठें हो,  खुद से पूछते रहें मेरे विचार  कैसे हैं  । 


--आप की   प्रत्येक  इच्छा पूरी तब होगी यदि आप दूसरों के काम मेंं बाधा न  डाले । 


-आप कपड़े की  दुकान बनाते है़,  अंदर सोचते है़ पड़ोसी की  दुकान न  चले तो आप की  दुकान भी नहीं चलेगी । 


-उस समय सोचो पड़ोसी का भी काम चले तब आप का काम भी बढ़िया चलेगा  । 


-चार लड़के एक लड़की से प्यार करते है़,  चारो की  इच्छा पूरी नहीं होगी । 


-लड़की जिसे चाहती है़ उसकी इच्छा पूरी होती है़ । 


-आप कुछ भी करें परंतु दूसरों के काम मेंं टांग मत अड़ाओ । 


-हमारे परिवार मेंं सब तरह के लोग होते है़ । 


-आप स्वंय और दूसरों के लिये जो शब्द कहते है़ उन के प्रति सजग रहें । 


-चीखों मत,  बोलने के वजाए कहो,  धीरे  बोलो । 


-मैं फेल हो गया हूं क़ि वजाए बोलो मैं अभी कामयाब नहीं हुआ हूं । 


-चुगली,  इल्जाम,  परनिन्दा,  गाली गलौज,  अपशब्द  के बजाए  अन्जान लोगो  या मन पसंद लोगों के प्रति आशीर्वाद और  मंगलमयी विचार मन मेंं कहते रहें । 


-अच्छे विचारों से दिमाग  की अनन्त शक्तियों के भंडार खुल जाते हैं । 


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B K  Milakh Raj  Sandha, Hisar, Haryana, 9896348516

    

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